नई दिल्ली: इस्राइल-अमेरिका (Israel-America) और ईरान (Iran) के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। इस टकराव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पड़ रहा है। देश में LPG का स्टॉक तेजी से घट रहा है। ऐसे में सरकारी तेल कंपनियां अब एक नए प्लान की तैयारी कर रही हैं, जिसमे घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) में गैस की मात्रा घटाकर करीब 10 किलोग्राम करने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि समिति स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाया जा सके।
इसका मतलब साफ़ है कि, अब 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर में 10 किलो गैस आएगी तो अब कितने में सिलेंडर मिलेगा। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई खाड़ी देशों से आती है। वहीं मौजूदा हालात में इस सप्लाई चैन पर बड़ा असर पड़ा है। पिछले सप्ताह भी सिर्फ दो जहाज भारत आए, जिनमें करीब 92,700 टन एलपीजी थी। यह एलपीजी देश की सिर्फ एक दिन की खपत के बराबर है। इसके अलावा भारत के कई एलपीजी टैंकर अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
सरकारी तेल कंपनियाें का मानना है कि एक सामान्य परिवार में 14.2 किलो का सिलेंडर करीब 35 से 40 दिनों तक चलता है। ऐसे में 10 किलो गैस वाला सिलेंडर भी लगभग 1 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं इस बदलाव से बची हुई गैस को उन घरों तक पहुंचा जा सकेगा, जहां सिलेंडर खत्म होने की स्थिति में है। जिससे किसी को भी सिलेंडर की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन लोगों तक भी सिलेंडर पहुंच पाएगा जिन पर एलपीजी का असर सबसे ज्यादा हो रहा है।


