फतेहपुर
जनपद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, जिसमें कुल 60 कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई टीम के गठन के साथ ही पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को धार देने का स्पष्ट संकेत दिया है। कार्यकारिणी में सभी प्रमुख खेमों, वर्गों और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नाम शामिल किए गए हैं, जिससे संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश दिखाई दे रही है।
यह सूची प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति के बाद जिला अध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव द्वारा जारी की गई है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि इस नई कार्यकारिणी से जिले में चल रही गुटबाजी पर विराम लगेगा और संगठन को नई दिशा मिलेगी।
नई कार्यकारिणी में नीरज सिंह, अपर्णा सिंह गौतम, उदय लोधी, रेखा मिश्रा, कुलदीप भदौरिया, पंकज त्रिपाठी और मधुराज विश्वकर्मा को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पुपराज पटेल, पंकज त्रिवेदी और सुशीला मौर्य को जिला महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा अरविंद सिंह, संतोष गुप्ता, ओम प्रकाश पाल, रेखा पासवान, विमलेश पाण्डेय, सुधीर मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह और सुनीता गुप्ता को जिला मंत्री नियुक्त किया गया है।
संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए राज बहादुर पासवान को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अखिलेश कुमार, सुमित द्विवेदी और उमेश गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। ओम मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव और नीरज गुप्ता को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। वहीं मीडिया टीम में प्रवीण सिंह, शिवाकांत तिवारी, गौरव शुक्ला और प्रभुन तिवारी को जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि शरद श्रीवास्तव को सोशल मीडिया और आईटी विभाग की कमान सौंपी गई है।
कार्यकारिणी में डॉ. शिवप्रसाद त्रिपाठी, शैलेन्द्र रघुवंशी, दुर्गाशंकर गुप्ता, रामप्रताप सिंह गौतम, मुन्नालाल सोनकर, कमलेश योगी, डॉ. विकास द्विवेदी, पुष्पा पासवान, ज्ञानेंद्र सचान, अरविंद बाजपेयी, शुभम परिहार, अर्चना सिंह, नीशू तिवारी, मनोजनी दीक्षित, मधु गुप्ता, संगीता तिवारी, नीलम ज्योति निषाद, रन्नो गुप्ता, उषा द्विवेदी, अर्चना त्रिपाठी और ज्योति प्रवीन सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी स्थान दिया गया है।
भाजपा ने इस कार्यकारिणी के माध्यम से महिला, पिछड़ा वर्ग, युवा और अन्य सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा है। नई टीम के गठन से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


