नई दिल्ली।देश में रुपये के डॉलर के मुकाबले कमजोर होने और औद्योगिक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे आने वाली महंगाई का स्पष्ट संकेत बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने कहा कि रुपये का 100 के स्तर की ओर बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेजी सिर्फ आर्थिक आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह संकेत हैं कि आने वाले समय में आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ने वाला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भले ही हालात को “सामान्य” बताने की कोशिश कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। उनके अनुसार, उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि तय है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर को लेकर चिंता जताई और कहा कि बढ़ती लागत के कारण छोटे और मध्यम उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी निवेशकों के लगातार पैसा निकालने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे शेयर बाजार पर दबाव और बढ़ेगा।
उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की जा सकती है, जिससे महंगाई और तेज हो जाएगी।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट दिशा है और न ही ठोस रणनीति, सिर्फ बयानबाज़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि आम आदमी की थाली पर इसका क्या असर पड़ रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में महंगाई, ईंधन कीमतों और आर्थिक स्थिति को लेकर बहस तेज होती जा रही है।


