23 C
Lucknow
Saturday, March 21, 2026

देशभर में अकीदत और उल्लास के साथ मनाई गई ईद

Must read

– करोड़ों ने अदा की नमाज़
– मस्जिदों-ईदगाहों में उमड़ा जनसैलाब, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी; भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की दिखी मिसाल
नई दिल्ली/लखनऊ/मुंबई/हैदराबाद।
रमज़ान के मुकद्दस महीने के समापन पर देशभर में ईद-उल-फितर का पर्व पूरे जोश, आस्था और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही देश के कोने-कोने में मस्जिदों और ईदगाहों की ओर अकीदतमंदों का रुख रहा। नमाज़ के दौरान देश में अमन, तरक्की, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं।
आंकड़ों में ईद का व्यापक स्वरूप
देशभर में अनुमानित 2.5 से 3 करोड़ लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की।उत्तर प्रदेश में करीब 50–55 लाख नमाजियों की सहभागिता दर्ज की गई।
दिल्ली की जामा मस्जिद में 1 से 1.5 लाख लोगों की मौजूदगी रही
लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और भोपाल में लाखों की भीड़ सहित
कई जिलों में 2 से 3 चरणों में नमाज़ कराई गई।
राजधानी दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, पटना और जयपुर सहित बड़े शहरों में सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की संख्या इतनी अधिक रही कि कई स्थानों पर सड़कों तक लोगों को नमाज़ अदा करनी पड़ी।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल की तैनाती
ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी,सीसीटीवी कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग,
ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रही,कई स्थानों पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
नमाज़ के बाद भाईचारे का दृश्य
नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा। यह दृश्य हर शहर और कस्बे में एक जैसा देखने को मिला। अलग-अलग धर्मों के लोगों ने भी एक-दूसरे के घर जाकर बधाई दी, जिससे सामाजिक एकता का संदेश मजबूत हुआ।
ईद से पहले ही बाजारों में जबरदस्त रौनक रही।
छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी अच्छा कारोबार मिला
घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाए गए और परिवार के साथ मिलकर त्योहार मनाया गया।
ईद से पहले ज़कात और फितरा देने की परंपरा के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने जरूरतमंदों की मदद की। कई सामाजिक संगठनों ने गरीबों के बीच भोजन, कपड़े और मिठाइयां वितरित कीं। यह पहल सामाजिक संतुलन और इंसानियत की मिसाल बनकर सामने आई।
देशभर में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने जनता को ईद की बधाई दी। उन्होंने लोगों से शांति, सौहार्द और एकता बनाए रखने की अपील की।
ईद-उल-फितर का यह पर्व एक बार फिर यह साबित कर गया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता है। करोड़ों लोगों की सहभागिता, शांतिपूर्ण आयोजन और भाईचारे के भाव ने इस त्योहार को यादगार बना दिया।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article