मैनपुरी। जनपद के मंछना ग्राम स्थित करीब 150 वर्ष पुराने प्राचीन नरसिंहजी मंदिर के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी दिव्यांग समिति के जिला अध्यक्ष राममोहन मिश्रा ने जिलाधिकारी अंजलि कुमार से लिखित शिकायत कर मंदिर निर्माण में कथित बाधा उत्पन्न किए जाने तथा आवंटित सरकारी धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मंदिर का शीघ्र निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
शिकायत में राममोहन मिश्रा ने बताया कि मंछना ग्राम में स्थित नरसिंहजी का मंदिर ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र है, जिसकी स्थापना लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व हुई थी। मंदिर के जीर्णोद्धार एवं भव्य निर्माण के लिए सरकार द्वारा 1.51 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मंदिर स्थल पर चकरोड (ग्रामीण मार्ग) बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वह स्थान चकरोड के लिए निर्धारित नहीं है। पूर्व में मंदिर तक पहुंचने के लिए पुलिया के रास्ते एक चकरोड पहले से ही उपयोग में था, लेकिन अब जानबूझकर मंदिर की भूमि को विवादित बनाने की कोशिश की जा रही है।
शिकायत में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि हाल ही में कुछ महात्मा जब गांव में भिक्षा मांगने पहुंचे, तो कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें कथित तौर पर गिराकर पीटा और बांध दिया। इस घटना से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
इसके अतिरिक्त, मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि तिवारी समुदाय के कुछ लोग सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर एक टीम बनाकर मंदिर भूमि पर अपना स्वामित्व जताने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राममोहन मिश्रा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर निर्माण के लिए एक नई समिति का गठन किया जाए, जिसमें सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ 3 से 4 महात्माओं को भी शामिल किया जाए, ताकि निर्माण कार्य पारदर्शी और निर्विवाद रूप से पूरा हो सके।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सरकार द्वारा आवंटित 1.51 करोड़ रुपये की धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित करते हुए मंदिर निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के शीघ्र शुरू कराया जाए। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है और सभी की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई


