22 C
Lucknow
Friday, March 20, 2026

दक्षिण कोरिया में ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री में भीषण आग, 50 से अधिक लोग घायल

Must read

सियोल: दक्षिण कोरिया के देयजियोन शहर में शुक्रवार को एक ऑटो पार्ट्स निर्माण फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 50 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाकर बाहर भागने लगे।

दक्षिण कोरिया की नेशनल फायर एजेंसी के मुताबिक, घायलों में 35 लोगों की हालत नाजुक है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत और जलने की गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में फैक्ट्री परिसर से उठता घना काला धुआं दूर-दूर तक फैलता नजर आया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आग भड़क उठी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने के वक्त फैक्ट्री के अंदर कुल कितने कर्मचारी मौजूद थे। राहत-बचाव टीमों को आशंका है कि कुछ लोग अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

अग्निशमन विभाग ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए आग पर काबू पाने के लिए 200 से अधिक दमकलकर्मियों और 70 से ज्यादा दमकल वाहनों को मौके पर तैनात किया है। दमकलकर्मी लगातार कई घंटों से आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं।

घने धुएं और तेज लपटों के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं। कई हिस्सों में तापमान इतना अधिक है कि वहां पहुंचना भी जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहा है कि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास के इलाके को खाली करा लिया है। आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, ताकि किसी भी तरह की और अनहोनी से बचा जा सके।

आग लगने के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट, मशीनरी में खराबी या ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि पूरी जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी।

दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सोक ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कमी न छोड़ी जाए और सभी जरूरी संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।

प्रधानमंत्री ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक इकाइयों में इस तरह की घटनाएं अक्सर सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण होती हैं। ऐसे में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। फिलहाल प्राथमिकता आग बुझाने और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटना स्थल से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही, आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।

दक्षिण कोरिया में हुई इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग और आपातकालीन तैयारियां कितनी जरूरी हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article