वाशिंगटन: दुनियाभर में चर्चा में रहे जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। एपस्टीन के लंबे समय तक निजी वकील रहे डैरेन इंडाइक ने अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे मामले में नई बहस छेड़ दी है।
इंडाइक ने कमेटी के सामने कहा कि उन्हें उस समय एपस्टीन द्वारा नाबालिग लड़कियों के शोषण की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें इस तरह के गंभीर अपराधों के बारे में पता होता, तो वह तुरंत खुद को एपस्टीन से अलग कर लेते।
करीब दो दशकों तक एपस्टीन के कानूनी सलाहकार रहे इंडाइक का यह बयान कई सवाल खड़े करता है। इतने लंबे समय तक करीबी संबंध होने के बावजूद उन्हें कथित अपराधों की जानकारी न होना जांच एजेंसियों और राजनीतिक हलकों के लिए हैरानी का विषय बन गया है।
इंडाइक ने अपने बचाव में कहा कि उनका काम केवल कानूनी मामलों तक सीमित था और उन्हें एपस्टीन की निजी गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी गैरकानूनी गतिविधि का हिस्सा बनने की कल्पना भी नहीं कर सकते।
हालांकि, उनके इस बयान को लेकर अमेरिकी राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। खासकर डेमोक्रेट सांसदों ने उनके दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह “रक्षात्मक” और “अधूरा सच” पेश करने की कोशिश है।
डेमोक्रेट नेताओं का आरोप है कि इंडाइक और उनके सहयोगी जानबूझकर कई अहम तथ्यों को छुपा रहे हैं। उनका कहना है कि एपस्टीन के इतने करीब रहने वाले लोगों का पूरी तरह अनजान होना संभव नहीं लगता।
गौरतलब है कि इंडाइक और एपस्टीन के पूर्व अकाउंटेंट रिचर्ड कान दोनों ही एपस्टीन की संपत्ति के निष्पादक रहे हैं। इन दोनों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि उन्होंने एपस्टीन की अवैध गतिविधियों से अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ उठाया।
इसी साल इन दोनों ने एक क्लास एक्शन मुकदमे को 35 मिलियन डॉलर में सुलझाने पर सहमति जताई थी। इस समझौते ने भी कई सवाल खड़े किए हैं कि क्या वे वास्तव में पूरी तरह निर्दोष थे या नहीं।
इस बीच, अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी ने एपस्टीन से जुड़े और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी है। विशेष रूप से उन मामलों से जुड़े दस्तावेजों को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है, जो पीड़ितों द्वारा दायर किए गए थे।
इस केस में कई बड़े नामों के सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम विभिन्न दावों और आरोपों में चर्चा में रहे हैं, हालांकि इन पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
वहीं, कुछ अन्य नेताओं और कारोबारियों ने भी पहले यह दावा किया था कि उन्हें एपस्टीन की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क के बावजूद सच सामने क्यों नहीं आ पाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है। अलग-अलग दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इसे और जटिल बना दिया है।
डेमोक्रेट सांसदों ने संकेत दिया है कि वे इस मामले में सार्वजनिक सुनवाई कराने की योजना बना रहे हैं, जिसमें पीड़ितों और अन्य गवाहों को बुलाया जा सकता है। इससे मामले में और नए खुलासे होने की संभावना है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, एपस्टीन केस से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जो कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
डैरेन इंडाइक का ताजा बयान इस बहुचर्चित मामले में एक और विवाद जोड़ता है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे की जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है।


