एटा: जनपद के अलीगंज क्षेत्र में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से खंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालयों में नामांकित कराने और नियमित शिक्षा से जोड़ने के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी तरीके सिखाए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रथम बैच में जूनियर विद्यालयों के अध्यापकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण डायट एटा से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अनुभवी शिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की वास्तविक और उपयोगी जानकारी मिल सके। प्रशिक्षण में शिक्षकों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, अभिभावकों से संवाद, नामांकन प्रक्रिया तथा बच्चों को विद्यालय में बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी बच्चे को इससे वंचित नहीं रहने देना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर ऐसे बच्चों की पहचान करें जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न शैक्षिक योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा, जब हर बच्चा स्कूल तक पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं और उन्होंने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने क्षेत्र में शिक्षा से वंचित बच्चों तक पहुंचने और उन्हें स्कूल से जोड़ने में काफी मदद मिलेगी।


