नई दिल्ली। मशहूर यूट्यूबर एलविश यादव को चर्चित “सांप के जहर” मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में बड़ा मोड़ आ गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि इस मामले में दर्ज FIR प्रथम दृष्टया कानून की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। कोर्ट ने माना कि जिन तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया, वे आपराधिक कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विशेष रूप से एनडीपीएस एक्ट और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धाराओं की समीक्षा की। अदालत ने पाया कि इन कानूनों के तहत कार्रवाई के लिए आवश्यक साक्ष्य और कानूनी आधार इस मामले में स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हो पाए। इसी आधार पर कोर्ट ने एफआईआर को निरस्त करने का फैसला सुनाया।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब एल्विश यादव पर आरोप लगे थे कि उन्होंने वीडियो शूट के दौरान सांप के जहर का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर रेव पार्टियों में ड्रग्स से जुड़े नेटवर्क से उनका संबंध था। इस मामले में विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच भी की गई थी, जिससे यह केस काफी चर्चा में रहा।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाना उचित नहीं था। कोर्ट के इस निर्णय से एल्विश यादव को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रहा विवाद अब कानूनी रूप से समाप्त होता नजर आ रहा है।
इस फैसले के व्यापक प्रभाव भी देखे जा रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों में एफआई आर दर्ज करने और गंभीर धाराएं लगाने से पहले ठोस साक्ष्यों की आवश्यकता को और मजबूत करेगा।
फिलहाल, इस फैसले के बाद एल्विश यादव के समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं इस पूरे मामले को लेकर उठे सवालों और विवादों पर भी विराम लगता दिखाई दे रहा है।
एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सांप के जहर केस में एफआईआर रद्द


