फर्रुखाबाद: जनपद में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत द्वारा चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान 3 स्लीपर बसों सहित कुल 6 ट्रकों को सीज किया गया, वहीं विभिन्न अभियोगों में कुल 2.82 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
चेकिंग अभियान के दौरान पकड़ी गई एक स्लीपर बस, जो बरेली से आ रही थी, के दस्तावेजों की जांच करने पर गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि बस का पंजीकरण राजस्थान राज्य में निलंबित था, इसके बावजूद वह सड़कों पर संचालित की जा रही थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बस पर 93 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे रोडवेज बस अड्डे पर सीज कर दिया गया।
इसके अलावा एक अन्य स्लीपर बस बिना वैध परमिट के संचालित पाई गई, जिस पर 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसे भी सीज किया गया। तीसरी बस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर उसे भी रोडवेज बस अड्डे में खड़ा कराया गया। इस तरह केवल बसों से ही प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी दी।
इसी अभियान के अंतर्गत ओवरलोड माल ढोने वाले 3 ट्रकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इन ट्रकों को सीज करते हुए कुल 1.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर न जमा करने के अभियोग में 3 अन्य ट्रकों को भी सीज किया गया, जिन पर कुल 1.55 लाख रुपये का कर बकाया पाया गया।
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने बताया कि यह अभियान सड़क सुरक्षा एवं परिवहन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है और साफ संकेत दिया गया है कि बिना वैध कागजात, ओवरलोडिंग या कर बकाया रखने वाले वाहनों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


