औरैया। उत्तर प्रदेश में नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ककोर स्थित कलेक्ट्रेट के मानस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांव-गरीब, किसान और समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि जनपद में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के तहत 52 अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए 1266.72 लाख रुपये तथा 22 पंचायत भवनों के निर्माण हेतु 384.12 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ है और लोगों को आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि कृषि, विपणन, पशुपालन और उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं और पशुपालन योजनाओं के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं को भी उन्होंने सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।
शिक्षा क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए प्रभारी मंत्री ने बताया कि जनपद का पहला मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माणाधीन है, जो आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसके अतिरिक्त तहसील अजीतमल में एक अन्य मॉडल विद्यालय प्रस्तावित है। अजीतमल के कंपोजिट विद्यालय बेरी में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा।
हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल भी उठे। मेडिकल कॉलेज में किडनी और हृदय रोग जैसे जटिल रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी तथा वर्षों से बंद पड़ी बर्न यूनिट को लेकर पत्रकारों ने चिंता जताई। इस पर प्रभारी मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं, जिसके बाद जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है और प्रक्रिया प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जनपद को आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा। वहीं प्रभारी मंत्री ने भी आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज की बंद पड़ी बर्न यूनिट को शीघ्र ही पुनः चालू कराया जाएगा।
कार्यक्रम में सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर जहां एक ओर विकास कार्यों की उपलब्धियां सामने रखी गईं, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों ने प्रशासन के सामने नई चुनौती भी प्रस्तुत कर दी है।


