लखनऊl राज्य में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अब राज्यों को डीजीपी चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजना अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को गृह विभाग के माध्यम से योग्य आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल आयोग को भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पैनल में उन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने कम से कम 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 1990 से 1996 बैच के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के नाम इस सूची में शामिल किए गए हैं। अब यूपीएससी इन नामों में से वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन अधिकारियों का चयन करेगा और उनका पैनल राज्य सरकार को वापस भेजेगा।
इसके बाद राज्य सरकार इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी को डीजीपी पद के लिए अंतिम रूप से नियुक्त करेगी। वर्तमान वरिष्ठता सूची के अनुसार 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी और डीजी रेणुका मिश्रा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। उनके बाद 1991 बैच के आलोक शर्मा (डीजी, एसपीजी) और पीयूष आनंद (डीजी, एनडीआरएफ) का स्थान है। इसके बाद मौजूदा डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है।
सूत्रों की मानें तो आयोग से पैनल वापस आने के बाद राज्य सरकार द्वारा वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण के नाम पर ही अंतिम मुहर लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय यूपीएससी की सिफारिश और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और वरिष्ठता के आधार पर चयन सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है, जिससे पुलिस प्रशासन में स्थिरता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा मिल सके।
डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया तेज, यूपी सरकार ने यूपीएससी को भेजा आईपीएस अधिकारियों का पैनल


