औरैया: अजीतमल कस्बे में इन दिनों आवारा गोवंशों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आमजन, राहगीरों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सड़कों पर घूम रहे अन्ना गोवंश न सिर्फ यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि आए दिन लोगों की जान जोखिम में डालते हुए उत्पात मचा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार अजीतमल-फफूंद मार्ग पर अक्सर गोवंश आपस में लड़ते दिखाई देते हैं, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। कई बार यह गोवंश राह चलते लोगों को भी अपनी चपेट में ले लेते हैं, जिससे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा अजीतमल-औरैया मार्ग, बाबरपुर चौराहा, अजीतमल चौराहा और बाबरपुर-फफूंद मार्ग पर भी बड़ी संख्या में गोवंशों का जमावड़ा लगा रहता है। दिनभर सड़क किनारे बैठे रहने वाले ये गोवंश रात होते ही आसपास के खेतों की ओर रुख कर लेते हैं और किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इससे किसान वर्ग बेहद परेशान है और उन्हें अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पूरी रात खेतों में जागकर पहरा देना पड़ रहा है।
कस्बेवासियों और किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। नगर पंचायत स्तर पर आवारा गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा, जिससे समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है। लोगों में इसको लेकर रोष भी लगातार बढ़ रहा है और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने बताया कि प्रशासन स्थिति को गंभीरता से ले रहा है और शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर आवारा गोवंशों को पकड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोवंशों के लिए उचित स्थान चिन्हित कर उन्हें संरक्षित किया जाएगा, ताकि आमजन और किसानों को राहत मिल सके।


