एटा: जनपद में हृदयाघात के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर दो व्यक्तियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि मेडिकल कॉलेज में सीने में दर्द के छह मरीज भर्ती किए गए हैं। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ आमजन के बीच भी भय और सतर्कता का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, एटा शहर में अधिवक्ता ओमकार सिंह यादव की उस समय अचानक तबीयत बिगड़ गई जब वह अपने घर पर टीवी देख रहे थे। अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत होने पर परिजन उन्हें तुरंत एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इसी तरह मिरहची क्षेत्र के निवासी महेंद्र सिंह की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत और बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में उनकी मौत का कारण भी हृदयाघात बताया गया है।
इन दो मौतों के साथ ही मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे के दौरान सीने में दर्द की शिकायत लेकर छह मरीजों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव, बढ़ता तापमान, अनियमित दिनचर्या और तनाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और तनाव से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को सीने में दर्द, घबराहट, सांस लेने में तकलीफ या असामान्य थकान महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सावधानी और जागरूकता से इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है, इसलिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।


