100 करोड़ के घोटाले में एक आरोपी जांचकर्ता तो दूसरे आरोपी को नगर स्वास्थ्य अधिकारी बना दिया
स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में सामने आए घोटाले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस अधिकारी पर खुद 100 करोड़ की अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं, उसे ही जांच टीम में शामिल कर दिया गया। इस फैसले ने पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया है। बताया जा रहा है कि 30 लाख रुपए की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जांच टीम बनाई गई है जिसमें 100 करोड़ के घोटाले के आरोपी प्रशासनिक अधिकारी रामकिशोर गौतम को जांच टीम में सदस्य बना दिया।
आपको बता दें कि दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे। सूत्रों के मुताबिक सीएमओ कार्यालय में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि खरीद में नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से बजट खर्च किया गया। कई मामलों में सामान की आपूर्ति तक नहीं हुई, फिर भी भुगतान कर दिया गया।
जांच के घेरे में आए अधिकारी की कार्यशैली पहले भी विवादों में रही है। ऐसे में उसे जांच टीम का हिस्सा बनाए जाने से कर्मचारियों और जानकारों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे जांच की विश्वसनीयता पूरी तरह प्रभावित होगी।
हालांकि विभागीय अधिकारी इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका दावा है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पारदर्शिता को लेकर शासन की मंशा पर भी चर्चा तेज हो गई है।


