लखनऊ। देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। आम उपभोक्ताओं को राहत देने और कृत्रिम संकट पैदा करने वालों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से 12 मार्च से लगातार छापेमारी की जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में 4,816 स्थानों पर छापे मारे गए हैं। इस दौरान अवैध भंडारण और कालाबाजारी में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 70 मामलों में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कृत्रिम कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ तत्व गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश कर रहे थे। इसी को रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और उपभोक्ताओं को उचित दर पर गैस मिल सके।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासन, खाद्य एवं रसद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर रही हैं।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल यह अभियान लगातार जारी है और सरकार का दावा है कि इससे रसोई गैस की उपलब्धता में सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
यूपी में रसोई गैस की कालाबाजारी पर सख्ती, 4,816 स्थानों पर छापे, 10 गिरफ्तार, 70 मुकदमे दर्ज


