लखीमपुर खीरी। ईसानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब अदालत के आदेश पर प्रशासन की टीम एक मकान गिराने पहुंची। कार्रवाई की भनक लगते ही किसान बृजेश सिंह अपने परिवार के साथ गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। करीब दो घंटे तक चले समझाने-बुझाने के बाद उन्हें नीचे उतारा जा सका।
सुबह उपजिलाधिकारी शशिकांत मणि और क्षेत्राधिकारी शमशेर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे थे। प्रशासन अदालत के आदेश का पालन करते हुए मकान खाली कराने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की तैयारी में था। इसी बीच बृजेश सिंह अपने परिवार के साथ टंकी पर चढ़ गए, जिससे गांव में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
घटना की सूचना मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
करीब दो घंटे तक अधिकारियों और पुलिस ने किसान व उसके परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी समझाइश के बाद परिवार टंकी से नीचे उतरा। इसके बाद पुलिस ने बृजेश सिंह को हिरासत में ले लिया और प्रशासन ने मकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर परिवार रह रहा है, उसे उन्होंने वर्षों पहले खरीदा था, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। बाद में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर मामला अदालत पहुंच गया। लंबी सुनवाई के बाद जनवरी 2026 में अदालत ने मकान गिराने का आदेश दिया।
उधर जमीन के दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने यह भूमि विधिवत खरीदी है और अदालत से भी उनके पक्ष में फैसला आ चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


