– पूछताछ में चालक की भूमिका पर भी संदेह, बयान बदलने से जांच में बढ़ी उलझन
लखनऊ। जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र में भाजपा नेता और स्वच्छ भारत अभियान के पूर्व सलाहकार रज्जन पांडेय की एसयूवी में आग लगाने के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आग लगाने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो पहले भाजपा नेता के यहां घरेलू काम करता था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआत में बताया कि उसने भाजपा नेता के पूर्व कार चालक के कहने पर वाहन में आग लगाई थी। हालांकि जब पुलिस ने दोनों का आमना-सामना कराया तो आरोपी अपने ही बयान से मुकर गया, जिससे मामले की जांच और उलझ गई है। पुलिस अब चालक की भूमिका समेत पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही है।
जानकीपुरम विस्तार स्थित शिवम सिटी निवासी रज्जन पांडेय भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं और बख्शी का तालाब विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार भी माने जा रहे हैं। उनका कार्यालय सेक्टर-7 में है। छह मार्च की देर रात कार्यालय के बाहर खड़ी उनकी एसयूवी में अचानक आग लग गई थी, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया था।
घटना के बाद रज्जन पांडेय ने अपने दो पूर्व कर्मचारियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश के तहत आग लगाने की तहरीर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे पकड़कर पूछताछ की गई।
रज्जन पांडेय का आरोप है कि उनका पूर्व चालक आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसी के इशारे पर यह घटना कराई गई। उनका कहना है कि चालक ने उनसे 65 हजार रुपये लिए थे और पैसे मांगने पर वह जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता था, जिसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
भाजपा नेता का यह भी कहना है कि आगजनी में पकड़ा गया आरोपी और चालक केवल मोहरा हो सकते हैं, जबकि असली साजिशकर्ता कोई और है, जो उनसे राजनीतिक दुश्मनी रखता है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराए जाने की मांग की है।
इंस्पेक्टर जानकीपुरम विनोद कुमार तिवारी के अनुसार पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।


