फतेहपुर के जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित लोक अदालत का अधिवक्ताओं ने सामूहिक बहिष्कार कर दिया। आमतौर पर विवादों के निस्तारण के लिए बड़ी संख्या में लोग लोक अदालत में पहुंचते हैं, लेकिन इस बार अधिवक्ताओं के विरोध के कारण माहौल अलग रहा। अधिवक्ता संगठनों ने कार्यवाही शुरू होने से पहले ही लोक अदालत में शामिल होने से इनकार कर दिया।
इसके बाद बड़ी संख्या में वकील न्यायालय परिसर से बाहर निकलकर कचेहरी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक वकीलों के सड़क पर उतर आने से कचेहरी रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर जोरदार नारेबाजी की, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोक अदालत में शामिल होने के लिए जा रहे बैंक अधिकारियों को भी रास्ते में रोक दिया। इस वजह से लोक अदालत की कार्यवाही भी प्रभावित हुई और कई मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया बाधित हो गई।
लोक अदालत के बहिष्कार को लेकर अधिवक्ता अनुराग नारायण मिश्रा और अजित शर्मा ने बताया कि फरियादियों को उम्मीद रहती है कि लोक अदालत में उनके विवादों का समाधान कम खर्च में हो जाएगा, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी बाइक का चालान 5 हजार रुपये का होता है तो लोग उम्मीद करते हैं कि लोक अदालत में यह राशि कम हो जाएगी, जबकि उन्हें पूरी राशि ही जमा करनी पड़ती है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐसी कई शिकायतें सामने आने के बाद उन्होंने लोक अदालत का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक वे इसी तरह विरोध जारी रख सकते हैं।


