लखनऊ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सेतु निगम द्वारा कई पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इनमें से कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कुछ अंतिम चरण में हैं, जिन पर जल्द ही वाहनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार राजधानी में चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। जिन पुलों और फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां यातायात भी शुरू कर दिया गया है, जिससे शहर में जाम की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है।
हाल ही में सेतु निगम की टीम ने मरी माता मंदिर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इसके अलावा मलिहाबाद क्षेत्र के रैथा गांव में बनने वाला पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने वाला पुल भी बनकर तैयार हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि केसरी खेड़ा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह फ्लाईओवर बनने के बाद आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था काफी सुगम हो जाएगी।
इसी तरह मोहनलालगंज क्षेत्र में साई नदी के ऊपर पुल का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल वहां अंतिम चरण का फिनिशिंग कार्य किया जा रहा है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
शहर के पारा, मेहंदी घाट और पक्का पुल जैसे क्षेत्रों में भी पुल और सड़क परियोजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ना है।
इसके अलावा जल्द ही इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पर भी फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी शुरू होने जा रही है। इस परियोजना को लोक निर्माण विभाग की राष्ट्रीय राजमार्ग शाखा द्वारा शुरू किया जाएगा।
यह फ्लाईओवर बनने से सीतापुर रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
उधर लखनऊ से आगरा जाने वाले मार्ग पर स्थित अवध चौराहे पर अंडरपास का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
सेतु निगम द्वारा तैयार किया गया पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने वाला पुल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पुल के बनने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बताया गया कि दो लेन वाले इस पुल का निर्माण साई नदी पर किया गया है। मूल योजना के अनुसार इसका काम मार्च 2026 तक पूरा होना था, लेकिन सेतु निगम के अभियंताओं ने इसे समय से पहले ही जनवरी 2026 में पूरा कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में चल रही सभी अवसंरचना परियोजनाओं का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और शहर के विकास को गति देना है। आने वाले महीनों में कई और परियोजनाएं पूरी होने की उम्मीद है।


