वाराणसी। आयुर्वेद शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नई सुबह इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद साइंस, वाराणसी को आयुर्वेद प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (ATAB), राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (RAV), नई दिल्ली द्वारा विभिन्न कोर्सों के संचालन के लिए तीन वर्षों के लिए तृतीय स्तर की मान्यता प्रदान की गई है।
यह प्रमाण पत्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के 29वें दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. अजय तिवारी को यह प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. अजय तिवारी ने कहा कि यह मान्यता संस्थान के लिए गर्व का विषय है और इससे आयुर्वेद शिक्षा, कौशल विकास, प्रशिक्षण तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रसार को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने आयुष मंत्रालय और एटीएबी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
डॉ. तिवारी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक आवश्यकताओं के साथ जोड़ते हुए समाज के सभी वर्गों तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
संस्थान द्वारा भविष्य में पंचकर्म, क्षारसूत्र चिकित्सा तथा मानस रोग (आयुर्वेदिक मानसिक स्वास्थ्य) जैसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध गतिविधियों का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे विद्यार्थियों और स्वास्थ्य पेशेवरों को आयुर्वेद की विशेषज्ञ शिक्षा प्राप्त हो सके।
यह उपलब्धि पूर्वांचल क्षेत्र में आयुर्वेद शिक्षा, प्रशिक्षण और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार तिवारी, डॉ. अमित, संस्थान के समन्वयक अनुराग तिवारी, राजीव सिंहा, अर्पित मिश्रा, राधिका सहित देश के कई आयुर्वेद चिकित्सकों ने डॉ. अजय तिवारी को शुभकामनाएं दीं।


