शाहजहांपुर। विकासखंड जैतीपुर का सरकारी अस्पताल इन दिनों एक के बाद एक विवादों को लेकर चर्चा में है। पहले अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ताओं के मोबाइल पर वीडियो बनाने का मामला सुर्खियों में रहा, वहीं अब वाउचर के जरिए किए गए भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कुछ आशा कार्यकर्ताओं के खातों में वाउचर के माध्यम से वास्तविक राशि से कई गुना अधिक धनराशि भेजे जाने की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल रही है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला बन सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर किस आधार पर और किसकी अनुमति से यह भुगतान किया गया। यदि वाउचर के जरिए जरूरत से ज्यादा या फर्जी भुगतान हुआ है तो यह सीधे-सीधे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने जैसा है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि भुगतान प्रक्रिया की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी और जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) से संपर्क किया गया तो उन्होंने 15 मिनट बाद बात करने को कहा, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।


