पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर किया सीन रीक्रिएट, सगे चाचा-चाची को गोलियों से भूनकर हत्या का आरोप
मैनपुरी/बेवर/फर्रुखाबाद। बेवर क्षेत्र के गांव नवीगंज में वर्ष 2005 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड की फाइल 21 साल बाद एक बार फिर खुल गई है। पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले का सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान पुलिस ने वादी को भी मौके पर बुलाया और करीब डेढ़ घंटे तक घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए घटनाक्रम को दोबारा समझने का प्रयास किया तथा मौके का नक्शा भी तैयार किया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की जा रही पुनर्विवेचना के तहत की गई है। पुलिस अब पुराने साक्ष्यों और तथ्यों को दोबारा खंगाल रही है, ताकि लंबे समय से लंबित इस हत्याकांड की सच्चाई सामने लाई जा सके।
दरअसल, बेवर क्षेत्र के गांव नवीगंज निवासी कोशल किशोर और उनकी पत्नी कृष्णा की 6 अगस्त 2005 को गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में फर्रुखाबाद के कुख्यात माफिया अनुपम दुबे, उसके भाई और साथियों पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने ही सगे चाचा और चाची को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था।
घटना के बाद इस मामले में अनुपम दुबे सहित छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में उस समय पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी थी।
मृतक की पुत्री और मामले की वादी राधिका दुबे ने वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष करने के बाद शासन और प्रशासन से मामले की पुनर्विवेचना की मांग की। जिसके बाद शासन के निर्देश पर एसपी गणेश प्रसाद साहा ने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए।
इसी क्रम में बेवर थाने के इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने दोहरे हत्याकांड की पुनर्विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब पुराने गवाहों, साक्ष्यों और परिस्थितियों को फिर से खंगाल रही है। माना जा रहा है कि पुनर्विवेचना में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे इस लंबे समय से दबे मामले में नया मोड़ आ सकता है।
21 साल बाद खुली दोहरे हत्याकांड की फाइल, कुख्यात माफिया अनुपम दुबे पर फिर कसा शिकंजा


