फर्रुखाबाद। मसैनी चौराहे से भूसा मंडी तक एनएच-730सी (बरेली–इटावा हाईवे) के चौड़ीकरण के दौरान डाली गई अंडरग्राउंड विद्युत केबल को आज तक बिजली लाइनों से नहीं जोड़ा गया है। आरोप है कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्र में खतरा बना हुआ है और कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के पदाधिकारियों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर अधीक्षण अभियंता और उपखंड अधिकारी को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को टालते रहे। संगठन का आरोप है कि बिजली विभाग में मनमानी और तानाशाही का माहौल है और जिन कामों में सुविधा शुल्क नहीं मिलता, उन्हें जानबूझकर लटकाया जाता है।
बताया गया कि 7 दिसंबर 2025 को रामप्रताप सिंह चौहान नंगे झूलते बिजली के तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज अभी तक जारी है। इस दर्दनाक घटना से परिवार पर गहरा असर पड़ा। उनके नाती नितिन चौहान सदमे में चले गए और 3 जनवरी को हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। किसान यूनियन ने इस पूरे मामले में बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 15 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे भोलेपुर फतेहगढ़ स्थित बिजली विभाग कार्यालय का किसानों और क्षेत्रीय जनता के साथ भारी संख्या में घेराव किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट कहा कि घेराव के दौरान एनएचएआई और बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर जवाब देना होगा।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि इस दौरान कोई अव्यवस्था या स्थिति बिगड़ती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन फर्रुखाबाद की होगी।
बिजली विभाग की लापरवाही से खौल रहा गुस्सा, 15 मार्च को किसानों का बड़ा घेराव अधिकारियों को देना होगा जवाब


