गाजियाबाद। शहर में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान टैक्स चोरी का एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। चौपला क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध मिठाई और लस्सी की दुकान पर की गई कार्रवाई में पता चला कि मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए करोड़ों रुपये के कारोबार को सरकारी रिकॉर्ड से छिपाया जा रहा था। आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया कि दुकान में बिलिंग के लिए ‘पेट-पूजा’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जा रहा था। यह ऐप इस तरह डिजाइन किया गया था कि उसमें डाला गया बिलिंग डेटा कुछ समय बाद अपने आप डिलीट हो जाता था। इससे ग्राहकों से पूरी रकम वसूलने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में कारोबार बेहद कम दिखाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार इसी तकनीक का इस्तेमाल कर लंबे समय से करोड़ों रुपये के कारोबार को आयकर रिटर्न में छिपाया जा रहा था।
आयकर विभाग की टीम के अनुसार चौपला स्थित यह मिठाई और लस्सी की दुकान शहर में काफी लोकप्रिय है। बाहर से देखने पर दुकान छोटी दिखाई देती है, लेकिन जांच में पता चला कि इसका वास्तविक वार्षिक कारोबार करोड़ों रुपये में है। इसके बावजूद कागजी रिकॉर्ड में कारोबार बहुत कम दर्शाया गया था। छापेमारी के दौरान टीम को कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर वास्तविक लेन-देन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक इस एप्लिकेशन के जरिए ग्राहकों को बिल बनाया जाता था और उनसे पूरा भुगतान लिया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद वह बिलिंग डेटा सिस्टम से स्वतः हट जाता था। इस कारण वास्तविक टर्नओवर का बड़ा हिस्सा आयकर विभाग की निगरानी से बाहर रहता था और कागजों में दुकान का कारोबार काफी छोटा दिखाया जाता था।
इसी कार्रवाई के दौरान मीट एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क भी जांच के दायरे में आया है। डासना स्थित इंटरनेशनल एग्रो फूड्स नामक कंपनी में जांच के दौरान हजारों करोड़ रुपये की अघोषित आय का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि यह फर्म हापुड़ के चर्चित कुरैशी परिवार से जुड़ी हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध तरीके से चीन समेत कई देशों में मीट भेजा जा रहा था और इसके बदले में मिलने वाला पैसा हवाला नेटवर्क के जरिए भारत लाया जाता था। सूत्रों के अनुसार चीन से आने वाला कैश दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में रहने वाले एक परिवार के माध्यम से भारत में पहुंचाया जाता था, जो हवाला नेटवर्क का संचालन कर रहा था। इस नेटवर्क के जरिए गाजियाबाद और हापुड़ के कई एक्सपोर्ट कारोबारियों का पैसा विदेश भेजने और वापस लाने का काम किया जाता था।
आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद गाजियाबाद के व्यापारिक वर्ग में हड़कंप मच गया है। खासकर फूड इंडस्ट्री और एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों में जांच को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फूड इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर काले धन के इस्तेमाल की आशंका है, इसलिए जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार मिठाई की दुकान और मीट एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है। विभाग अब उन संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रहा है जो कथित तौर पर अवैध कमाई से बनाई गई हैं। साथ ही टैक्स चोरी में शामिल अन्य फर्मों और व्यक्तियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल ऐप से करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा


