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Monday, March 9, 2026

राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर सपा, असम विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी

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लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2024 में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनीतिक विस्तार की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना है और इसी दिशा में वह पहली बार असम विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी असम में पांच से दस विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है, जिसका आधिकारिक ऐलान जल्द किए जाने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि असम में वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सपा ने वहां राजनीतिक जमीन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने की है, जहां उसे अपने परंपरागत वोट बैंक से समर्थन मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी चुनाव प्रचार के दौरान असम का दौरा कर सकते हैं और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं करेंगे।
दरअसल, राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तय कुछ मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है। इसके अनुसार किसी दल को कम से कम चार राज्यों में कुल वैध मतों का छह प्रतिशत प्राप्त होना चाहिए या फिर लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना जरूरी है। इसके अलावा एक विकल्प यह भी है कि पार्टी लोकसभा चुनाव में तीन अलग-अलग राज्यों से कुल सीटों का दो प्रतिशत यानी कम से कम 11 सीटें जीत चुकी हो। समाजवादी पार्टी के पास फिलहाल लोकसभा में 37 सांसद हैं, लेकिन ये सभी सीटें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश से ही हैं। इसी कारण पार्टी अभी राष्ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं कर पा रही है।
यदि उत्तर प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में भी सपा का जनाधार बढ़ता है और वहां उसे पर्याप्त वोट प्रतिशत हासिल होता है तो राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने की दिशा में उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है। इसी उद्देश्य से पार्टी अब असम जैसे राज्यों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
उत्तर प्रदेश के बाहर सपा की मौजूदगी सीमित है। वर्तमान में महाराष्ट्र में पार्टी के दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। हालांकि यह संख्या राष्ट्रीय स्तर के मानकों की तुलना में काफी कम मानी जाती है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अब अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रहा है।
लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा देश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी और कई ऐसी सीटों पर विजय हासिल की थी जिन्हें भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था। इनमें अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण सीट भी शामिल है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। यदि पार्टी को वहां सीमित ही सही लेकिन प्रभावी जनसमर्थन मिलता है तो यह उसके लिए राष्ट्रीय पार्टी बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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