एटा। एटा–कासगंज रेल लाइन विस्तार परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के तहत जिले के 16 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासनिक योजना के अनुसार अप्रैल माह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए तहसील स्तर पर सर्किल रेट की सूची तैयार की जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार रेलवे ट्रैक विस्तार परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं और सर्वे कार्य भी तेजी से चल रहा है। बताया गया है कि आगामी 26 मई को परियोजना से संबंधित निविदा खोली जानी प्रस्तावित है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके चलते अधिग्रहण से जुड़े सभी कार्य युद्ध स्तर पर कराए जा रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण से पहले विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का विस्तृत मूल्यांकन करने में जुटी हुई हैं। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, रेलवे, राजस्व विभाग तथा नलकूप विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीमें जमीन के साथ-साथ उस पर बने मकान, ट्यूबवेल, बोरिंग, पेड़ और अन्य स्थायी संसाधनों का भी आकलन कर रही हैं, ताकि मुआवजा तय करते समय किसी प्रकार की समस्या न आए।
प्रशासन की ओर से किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल किसानों की भूमि का पूरा विवरण और मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे की पत्रावलियां तैयार की जाएंगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किसानों को मुआवजे की राशि चेक या ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सरकारी और निजी जमीनों पर बने मकानों, ट्यूबवेल, बोरिंग तथा अन्य निर्माण कार्यों का सर्वे और मूल्यांकन तेजी से कराया जा रहा है। इसके साथ ही सर्किल रेट तय करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अप्रैल माह से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एटा–कासगंज रेल लाइन विस्तार परियोजना को जिले के विकास की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूरा होने से क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत होगा और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।


