शाहजहांपुर। जिले के बंडा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसे को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि बंडा थाने में तैनात दरोगा की कार ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार चला रहा दरोगा नशे की हालत में था। हालांकि मामले में न तो घायल की ओर से कोई तहरीर दी गई और न ही दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके चलते पुलिस ने आगे की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
बताया जा रहा है कि बंडा थाने में तैनात दरोगा जोगेश शर्मा की कार से बाइक सवार सुनील को टक्कर लग गई थी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दरोगा की कार को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप था कि दरोगा शराब के नशे में वाहन चला रहा था।
घटना के बाद मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मी दरोगा को लेकर थाने चले गए। वहीं घायल सुनील को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। लेकिन पूरे मामले में पुलिस द्वारा कार चला रहे दरोगा का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया, जिससे नशे की स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।
थाना प्रभारी ने बताया कि घायल की ओर से किसी प्रकार की लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है। इसी वजह से मामले में कोई औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका।
वहीं क्षेत्राधिकारी पुवायां प्रवीण मलिक ने भी बताया कि उनके पास बाइक सवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई है। उन्होंने कहा कि घायल का इलाज करा दिया गया है और उसे समझाया गया कि गलती हो गई थी, इसलिए उसका उपचार करा दिया गया है।
सीओ ने यह भी बताया कि जिस दरोगा की कार से हादसा हुआ, उसका कुछ समय पहले तबादला हो चुका है। हालांकि होली पर्व के मद्देनज़र ड्यूटी के कारण उसे अभी रोका गया था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले में कोई तहरीर प्राप्त होती है तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि हादसे में आम नागरिक की गलती होती तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, लेकिन पुलिसकर्मी के मामले में केवल इलाज कराकर मामला शांत करा दिया गया।


