7–8 हफ्तों तक देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने की क्षमता
नई दिल्ली। भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। देश के पास लगभग 250 मिलियन बैरल कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है, जो आपात स्थिति में लगभग 7 से 8 हफ्तों तक देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह भंडार मुख्य रूप से स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के रूप में सुरक्षित रखा गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक संकट, युद्ध या आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में देश की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना है।
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और ऊर्जा की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार रखना देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रणनीतिक तेल भंडार का महत्व
भारत अपने कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव या आपूर्ति में व्यवधान का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भूमिगत तेल भंडारण केंद्र विकसित किए हैं, जहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल सुरक्षित रखा जाता है। ये भंडार देश को अचानक आने वाले ऊर्जा संकट से बचाने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ऐसे भंडारों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
भारत के पास 250 मिलियन बैरल तेल का विशाल भंडार


