मैनपुरी। जनपद के किशनी थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के भाई ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर अपनी भाभी और उसके कथित प्रेमी पर अपहरण कर हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार मृतक कमलेश कासगंज जनपद स्थित एक नोवा प्लांट में कार्य करता था और वहीं रहकर नौकरी करता था। होली के त्योहार के चलते वह 20 फरवरी 2026 को कासगंज से अपने घर आने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में ही संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। कई दिनों की खोजबीन के बाद 26 फरवरी को उसका शव बरामद हुआ, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। इस मामले में किशनी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।
अब इस मामले में मृतक के भाई ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कमलेश की पत्नी सुनीती के सुतलेश कुमार नामक व्यक्ति के साथ कथित अवैध संबंध थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची और कमलेश का अपहरण कर उसकी हत्या करवा दी। परिवार का कहना है कि घटना के पीछे इसी संबंध को लेकर रची गई साजिश हो सकती है, जिसकी गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।
परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कमलेश के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन और 20 से 25 फरवरी के बीच की कॉल डिटेल्स की जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने सुनीती के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स भी निकलवाने की मांग की है, क्योंकि परिजनों का कहना है कि घटना से पहले वह लगातार कमलेश के संपर्क में थी।
परिवार का यह भी आरोप है कि कमलेश के लापता होने के बाद उसकी पत्नी ने बिना किसी रिश्तेदार या पड़ोसी को जानकारी दिए ही गुमशुदगी के पोस्टर छपवाकर बंटवा दिए और पुलिस को सूचना दे दी। परिजनों का कहना है कि यह व्यवहार असामान्य था और इसी वजह से उनका शक और गहरा हो गया है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


