लखनऊ: सहारा समूह की संपत्तियों और भूमि लेन-देन की चल रही जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को लखनऊ (Lucknow) स्थित सहारा शहर परिसर पर छापा (raids) मारा। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीम सुबह करीब 11 बजे गोमती नगर स्थित परिसर पहुंची। तलाशी अभियान लगभग चार घंटे तक चला। छापेमारी के दौरान, जांचकर्ताओं ने मानव संसाधन, आवास विभाग और सहारा के दिवंगत प्रमुख सुब्रत रॉय से संबंधित कार्यालय की जांच की।
सूत्रों ने बताया कि सबसे अधिक दस्तावेज मानव संसाधन कार्यालय से बरामद किए गए। रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद, टीम ने आगे की जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक डेटा के साथ दस्तावेजों के कई बंडल जब्त किए। लगभग चार ईडी अधिकारी दो वाहनों में मौके पर पहुंचे। सहारा प्रबंधन से जुड़े दो व्यक्ति भी मौजूद थे, जिनसे अभियान के दौरान पूछताछ की गई।
लखनऊ नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने तलाशी के दौरान टीम की सहायता की। सहारा सिटी की संपत्ति को नगर निगम ने पट्टे के नियमों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में 6 अक्टूबर को सील कर दिया था। तब से यह जमीन निगम के नियंत्रण में है और उसकी प्रवर्तन टीम द्वारा सुरक्षा तैनात की गई है।
ईडी की यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों में सहारा समूह से जुड़ी संपत्तियों की कथित बिक्री की व्यापक जांच का हिस्सा है। अधिकारियों को संदेह है कि कई संपत्तियां कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद बेची गई हैं या उन्हें बेचने का प्रयास किया गया है। इससे पहले, 26 फरवरी को, ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने ओडिशा के बरहमपुर और भुवनेश्वर, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कर्नाटक के बेल्लारी सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन तलाशी अभियानों के दौरान, जांचकर्ताओं ने पाया कि बरहमपुर में सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड से संबंधित 43 एकड़ भूमि में से लगभग 32 एकड़ भूमि दिसंबर 2025 में बेची गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि यह बिक्री कथित तौर पर एक बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर सहारा के एक कर्मचारी के पक्ष में की गई थी, जिसे पहले ही रद्द कर दिया गया था, और कथित तौर पर अदालती निर्देशों की अनदेखी की गई थी। ईडी अब अपनी चल रही जांच के तहत सहारा से जुड़ी संपत्तियों की देशव्यापी सूची तैयार कर रही है, और आगे की जांच जारी है।


