24.8 C
Lucknow
Tuesday, March 3, 2026

लखीमपुर खीरी के महेशपुर वन रेंज में किया जा रहा है पर्यटन सुविधाओं का विकास, मिलेगा ईको टूरिज्म को बढ़ावा

Must read

यूपी टूरिज्म विकास बोर्ड महेशपुर वन रेंज में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से करा रहा है विकास कार्य

पर्यटकों के आकर्षण के लिए प्रवेश द्वार, 3डी म्यूरल, एनिमल फिगरिन केज़, गोल हट के साथ बनेगा सेल्फी पॉइंट

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। इस क्रम में लखीमपुर खीरी जिले में महेशपुर वन रेंज को ईको-टूरिज्म के नए आकर्षण केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड 2.5 करोड़ रुपये की लागत से महेशपुर वन रेंज में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास करा रहा है। ये प्रयास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सस्टेनेबल टूरिज्म के विजन के मुताबिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देंगे।

दुधवा नेशनल पार्क के बफर क्षेत्र में किया जा रहा है ईको टूरिज्म गतिविधियों का विकास

लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क के बफर क्षेत्र में स्थित महेशपुर वन रेंज में ईको टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस क्षेत्र में प्रवेश द्वार, कॉटेज ब्लॉक, शौचालय ब्लॉक, पेयजल पॉइंट, इंटरलॉकिंग पाथवे, साइनेज, बेंच और ट्री सीटिंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पर्यटकों के आकर्षण के लिए 3डी म्यूरल, गजेबो या गोल हट, बच्चों का खेल क्षेत्र, सेल्फी पॉइंट के साथ लाइफ-साइज एनिमल फिगरिन केज भी बनाये जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वन रेंज में सोलर लाइट्स, वर्षा जल संचयन प्रणाली और सबमर्सिबल बोरिंग/ट्यूबवेल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। ये सभी विकास कार्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाते हुए सुरक्षित, रोमांचक और यादगार अनुभव प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री के सस्टेनेबल टूरिज्म के विजन को ईको टूरिज्म बोर्ड कर रहा है साकार

यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सस्टेनेबल टूरिज्म विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत नेशनल पार्कों और वन्यजीव अभयारण्यों के बफर जोन में भी ईको-टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे सफारी सीजन के अलावा बारिश के मौसम में भी पर्यटक प्रकृति का आनंद ले सकेंगे। यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड पहले से ही महेशपुर वन रेंज के चंदन चौकी क्षेत्र में ईको-लॉज और कैंपिंग साइट्स का संचालन कर रहा है। पर्यटकों को क्षेत्र की थारू जनजाति के परंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ भी प्रदान किया जा रहा है।

जनजातीय समुदाय के युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके अलावा, लखीमपुर में ही शारदा बैराज और आसपास के क्षेत्रों को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। दुधवा नेशनल पार्क में भी इंटरप्रिटेशन सेंटर, कैंप ऑफिस का अपग्रेडेशन और गार्डन बेंच, डस्टबिन और साइनेज जैसे कार्य भी प्रगति पर हैं। यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के ये प्रयास प्रदेश में रोजगार सृजन और स्थानीय संस्कृति और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article