इस्फहान: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इस्फहान शहर में मौजूद छात्रों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार अस्थिर हालात और हमलों की आशंका के कारण भय का माहौल बना हुआ है।
इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रही भारतीय छात्रा फातिमा ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि इलाके में करीब 25 से 30 भारतीय छात्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार चिंता और अनिश्चितता के बीच रह रहे हैं और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फातिमा के अनुसार, छात्र पहले ही भारत लौटना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई, परीक्षाओं और अस्पताल की ट्रेनिंग के कारण उन्हें रुकना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए अगला सेमेस्टर ऑनलाइन करने की जानकारी दी है, जिससे उन्हें घर लौटने का विकल्प मिल सकता है।
हालांकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अस्पताल में रोजाना ड्यूटी अनिवार्य बताई गई है। इसी वजह से कई छात्र तत्काल ईरान छोड़ नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई और व्यावसायिक दायित्वों के कारण वे दुविधा में फंसे हुए हैं।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें छात्रावास से बाहर न निकलने की सलाह दी है और कुछ को दूसरे छात्रावास में शिफ्ट होने का दबाव बनाया जा रहा है। कई छात्र परिसर के बाहर किराये के मकानों में रह रहे हैं, जहां सीमित संसाधनों के सहारे गुजर-बसर करनी पड़ रही है।
स्थिति को और जटिल बनाते हुए, कई दुकानों के बंद होने और ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आवश्यक सामान जुटाना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
फातिमा ने बताया कि हाल के दिनों में आसपास विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे छात्रों में डर और बढ़ गया है। इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण परिवारों से संपर्क करना भी कठिन हो गया है। भारत में मौजूद परिजन लगातार चिंता में हैं।
छात्रों ने भारत सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि हालात सामान्य होने तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने या भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


