सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश, पुलिस की सोशल मीडिया सेल की कड़ी निगरानी
लखनऊ: प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति (zero tolerance policy) के तहत दुर्दांत माफिया (mafia) और उसके नेटवर्क पर लगातार हो रही कार्रवाई के बीच अब सोशल मीडिया पर प्रशासन विरोधी माहौल तैयार करने की कोशिशों को लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार कुछ सोशल मीडिया हैंडलर संगठित रूप से पोस्ट, वीडियो और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर यूपी के टॉप टेन माफिया अनुपम दुबे और उसके गैंग के समर्थन में शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जनमानस को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने ऐसे लगभग एक सैकड़ा लोगों को चिन्हित कर निगरानी सूची में लिया है।
सूत्रों के मुताबिक दीपक तिवारी, हरिप्रकाश शुक्ला, मोहन मिश्रा, शिबू कुमार, शिव कर दीक्षित, पंडित सुशांत तिवारी, अजीत मिश्रा, प्रभात कुशवाहा, अमित सदियाल मिश्रा, बृजेश मिश्रा, राहुल तिवारी, धनंजय दीक्षित, अंकुर दीक्षित को प्रमुख हैंडलर के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी क्रम में कारण शुक्ला, धनंजय पांडे, नितेश राज, विशाल दीक्षित, पंकज दुबे, मनोज तिवारी, आशीष पांडे, अमित शुक्ला, प्रांशु पांडे, सभासद गोल्डी चौहान, अभय अग्निहोत्री, संजय तिवारी, शिवम शुक्ला, कमल दुबे, यश दुबे, सार्थक तिवारी, आयुष द्विवेदी, सूर्योदय तोमर, रोहित बाजपेई, अमित ठाकुर सहित कई अन्य नाम भी निगरानी में बताए जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के पुराने आपराधिक मामलों की भी पड़ताल कर रही है। जिनके विरुद्ध पूर्व में मुकदमे दर्ज हैं, उनके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है। किसी भी तरह की भ्रामक या उकसाने वाली पोस्ट पर आईटी एक्ट व अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान सोशल मीडिया को हथियार बनाकर वातावरण बिगाड़ने की कोशिशों को गंभीरता से लिया जा रहा है।


