गोंडा। विदेश भेजने के नाम पर सैकड़ों युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी शमशाद उर्फ विवेक कुमार को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई। अब गोण्डा पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गोंडा लाने की तैयारी कर रही है।
पहचान बदलकर रचा जाल
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर मुस्लिम से हिंदू नाम धारण किया और गोंडा में नेटवर्क खड़ा किया। फर्जी कंसल्टेंसी और एजेंटों के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठे गए। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग नामों और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भरोसा बनाया।
200 से अधिक लोगों से ठगी का आरोप
प्राथमिक जांच में करीब 200 से अधिक पीड़ितों से रकम वसूलने की बात सामने आई है। कई युवाओं से पासपोर्ट, वीजा प्रोसेसिंग और टिकट के नाम पर अग्रिम राशि ली गई, लेकिन न तो वीजा जारी हुआ और न ही नौकरी मिली। कुछ मामलों में फर्जी ऑफर लेटर और ईमेल आईडी का उपयोग कर लोगों को भ्रमित किया गया।
कोलकाता में दबिश, नेटवर्क की पड़ताल
सूत्रों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से ठिकाना बदल रहा था। डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के आधार पर लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी गई। अब पुलिस उसके बैंक खातों, मोबाइल डेटा और सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
पीड़ितों से अपील
पुलिस ने अपील की है कि जो भी लोग इस गिरोह का शिकार हुए हैं, वे आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। दस्तावेज और भुगतान से जुड़े सबूत उपलब्ध कराएं ताकि धनवापसी और कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सके।
ऐसे करें बचाव
केवल अधिकृत और सत्यापित रिक्रूटमेंट एजेंसियों से ही संपर्क करें।
विदेश मंत्रालय की ई-माइग्रेट (e-Migrate) प्रणाली पर एजेंसी की वैधता जांचें।
नकद या निजी खातों में भुगतान से बचें; रसीद और आधिकारिक अनुबंध अनिवार्य रखें।
संदिग्ध स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से तुरंत संपर्क करें।
विदेश भेजने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, मुख्य आरोपी शमशाद उर्फ विवेक कुमार गिरफ्तार


