फर्रुखाबाद। नगर के सुप्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान गायत्री इंटरनेशनल स्कूल, निकट गुड़गांव देवी मंदिर, फर्रुखाबाद में शनिवार, 28 फरवरी 2026 को कला एवं शैक्षिक प्रदर्शनी का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में फर्रुखाबाद की माननीया मेयर श्रीमती वत्सला अग्रवाल उपस्थित रहीं। विद्यालय के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, निदेशक देवांश अग्रवाल, निदेशिका श्रीमती प्राची अग्रवाल तथा प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर विधिवत उद्घाटन किया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। श्री पारस भारद्वाज के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 8 के छात्र कुशाग्र अग्निहोत्री ने प्रभावशाली ढंग से किया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “विन्यास — पावरफुल वेदाज़” रहा। वेद प्रदर्शनी का केंद्रीय भाव भारतीय संस्कृति के मूल स्तंभ वेदों की महत्ता पर आधारित था। विद्यार्थियों ने चारों वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—की विशेषताओं एवं महत्व पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
इति यादव (कक्षा 6) एवं अदृशा गुप्ता (कक्षा 3) ने ऋग्वेद की महत्ता पर प्रकाश डाला। आरोही गुप्ता (कक्षा 9) एवं आरव अवस्थी (कक्षा 2) ने यजुर्वेद की विशेषताएं बताईं। नित्या गुप्ता (कक्षा 3) एवं अर्नव कुमार (कक्षा 7) ने सामवेद का महत्व स्पष्ट किया। अथर्व गौड़ (कक्षा 6) एवं आरव सिंह (कक्षा 2) ने अथर्ववेद की जानकारी दी। विराज सिंह (कक्षा 4) तथा प्रथु अग्रवाल (कक्षा 2) ने अथर्ववेद में वर्णित औषधीय पौधों का महत्व दर्शाया।
अलीशा खान ने वेदों के आधार पर पृथ्वी और सूर्य की दूरी संबंधी जानकारी प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।
इसके पश्चात शैक्षिक प्रदर्शनी का अवलोकन प्रारंभ हुआ। विज्ञान विषय में हाइड्रोलिक ब्रिज, बाँध, बजर गेम एवं मानव कंकाल के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। कंप्यूटर एवं रोबोटिक्स अनुभाग में इनपुट-आउटपुट उपकरण, स्क्रैच पात्र, कंप्यूटर के भाग, टोल गेट, पार्किंग गेट, स्मार्ट हाउस, स्वीपर मशीन एवं रोबोट के मॉडल प्रदर्शित किए गए।
अंग्रेज़ी विषय में भाषण के अंग, निर्धारक, संज्ञा, आर्टिकल, प्रत्यक्ष एवं परोक्ष कथन, पूर्वसर्ग एवं समोच्चरित भिन्नार्थक शब्दों के मॉडल प्रस्तुत हुए। हिंदी विषय में मुंशी प्रेमचंद कृत “दो बैलों की कथा”, सुमित्रानंदन पंत कृत “ग्राम श्री”, उपभोक्तावाद की संस्कृति, उपसर्ग, विराम-चिह्न, अलंकार, क्रिया के भेद, विशेषण एवं प्राचीन भारत-नवभारत जैसे विषयों पर उत्कृष्ट मॉडल प्रदर्शित किए गए।
गणित में त्रिविमीय आकृतियाँ, कोणों एवं रेखाओं के प्रकार, घड़ी तथा पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन से संबंधित मॉडल सराहे गए। सामाजिक विज्ञान में हड़प्पा संस्कृति, मौलिक अधिकार, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, वायुमंडल की परतें, नदी तंत्र एवं पृथ्वी की प्रमुख भू-आकृतियों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई।
कक्षा 3 की छात्रा आश्वी द्वारा निर्मित अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर का मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मेयर महोदया ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व एमएलसी और संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल एवं निदेशक देवांश अग्रवाल ने आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को बधाई दी। प्रधानाचार्य श्री राजकुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में सम्पूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा, भारतीय संस्कृति और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के अद्भुत समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण सिद्ध हुई।


