सऊदी अरब ने यमन के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में आई भारी कटौती की भरपाई में मदद के लिए 346.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह भुगतान किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देश पर किया गया। यह राशि Saudi Program for Development and Reconstruction of Yemen (SDRPY) के माध्यम से जारी की गई है।
SDRPY ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि यह सहायता यमन में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए किंगडम की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है। कार्यक्रम के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आर्थिक, वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता को मजबूत करना, सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाना और प्रशासनिक पारदर्शिता में सुधार करना है।
बयान में यह भी कहा गया कि सऊदी सहायता निजी क्षेत्र को सशक्त बनाने और सतत आर्थिक विकास को गति देने में सहायक होगी। लंबे समय से संघर्ष और आर्थिक संकट झेल रहे यमन में सरकारी कर्मचारियों को नियमित वेतन न मिल पाने की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिससे सार्वजनिक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
रशद अल-अलीमी, जो यमनी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन हैं, ने इस सहायता के लिए सऊदी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे यमन के लोगों के प्रति किंगडम के लंबे समय से चले आ रहे समर्थन की निरंतरता बताया।
अल-अलीमी ने कहा कि यह वित्तीय सहयोग यमन की आर्थिक रिकवरी प्रक्रिया को गति देने में मदद करेगा और राष्ट्रीय संस्थानों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने की सरकार की क्षमता में विश्वास का प्रतीक बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब के साथ यमन की रणनीतिक साझेदारी एक स्थिर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक है। दोनों देशों के बीच सहयोग पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और सार्वजनिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में अहम भूमिका निभा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक सहायता यमन की कमजोर वित्तीय प्रणाली को अस्थायी राहत दे सकती है, खासकर उस समय जब देश मानवीय और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वेतन भुगतान में सुधार से सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता और आम जनता का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
सऊदी अरब पहले भी यमन में ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में निवेश कर चुका है। SDRPY के तहत चल रही परियोजनाएं देश के विभिन्न प्रांतों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि दीर्घकालिक स्थिरता के लिए राजनीतिक समाधान और व्यापक आर्थिक सुधार भी आवश्यक होंगे। वित्तीय सहायता तत्काल राहत दे सकती है, लेकिन स्थायी विकास के लिए संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं।
फिलहाल, यह सहायता यमन की सरकार और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। इससे वेतन भुगतान में आंशिक स्थिरता आने और प्रशासनिक तंत्र को सुचारु रूप से चलाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


