शाहजहांपुर: सदर बाजार थाना क्षेत्र के चिनौर में युवती शांभवी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतका के माता-पिता का आरोप है कि स्पष्ट साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद पुलिस की ओर से न तो समय पर मुकदमा दर्ज किया गया और न ही अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है।
परिजनों के अनुसार 12 फरवरी को शांभवी की मौत हुई थी, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार 17 फरवरी को मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन इसके बाद जांच की गति बेहद धीमी हो गई। आरोप है कि इस देरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी प्रखर बाजपेयी फरार हो गया। मृतका के परिजनों का कहना है कि शांभवी से शादी का झांसा देकर ₹1.70 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए थे।
इस संबंध में बैंक स्टेटमेंट निकालकर पुलिस को सौंपे गए हैं, लेकिन इन साक्ष्यों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। परिजनों का दावा है कि शांभवी के मोबाइल फोन में मानसिक उत्पीड़न और धमकियों से जुड़े अहम साक्ष्य मौजूद हैं, जिनकी अब तक प्रभावी जांच नहीं की गई। परिजनों ने सदर बाजार थाना की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि पुलिस केवल जांच जारी है कहकर मामले को टाल रही है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा है। न्याय की आस टूटती देख अब शांभवी के माता-पिता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए वे हर स्तर तक लड़ाई लड़ेगे


