किसान यूनियन एक्टिव प्रशासन से शिकायत
फर्रुखाबाद/कमालगंज। नगला दाऊद, कमालगंज स्थित “मनपसंद” अचार फैक्ट्री फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। फैक्ट्री संचालक के रूप में इदरीश मुल्ला और तमजीत के निर्देशन में यहां भारी गंदगी के साम्राज्य के बीच पैरों से कुचल फावड़े से मिक्स कर पैक होने वाले अचार को आम जनमानस में पहुंचा कर बेचा जा रहा है । सामने आए एक कथित स्टिंग वीडियो और अचार के डिब्बे में मरी हुई छिपकली मिलने के आरोप के बाद दोबारा है वीडियो में गंदगी के बीच अचार को पैरों से रौद कर फावड़े से मिलाने के बाद पैक करने की क़वायद चल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था । किसान यूनियन के सक्रिय होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, वायरल हो रहे कथित स्टिंग वीडियो में फैक्ट्री परिसर के भीतर अचार को बड़े टबों में फावड़े से पलटते और पैरों से रौंदते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में निर्माण स्थल पर भारी गंदगी, अस्वच्छ फर्श और खुले में रखी सामग्री नजर आने की बात कही जा रही है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र फॉरेंसिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही इसकी सत्यता स्पष्ट होगी।
इस विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक महिला द्वारा खरीदे गए अचार के डिब्बे में मरी हुई छिपकली मिलने का आरोप लगाया गया। परिजनों का कहना है कि अचार का सेवन करने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण और खाद्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की मांग की।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि फैक्ट्री संचालकों पर पूर्व में धर्म परिवर्तन और सामाजिक वैमनस्य से जुड़े आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक अभिलेखों और न्यायालयी दस्तावेजों से होना शेष है। वर्तमान में ये सभी दावे जांच के दायरे में हैं और संबंधित पक्ष की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को मौके पर पहुंचकर सैंपलिंग करने और प्रयोगशाला परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उल्लंघन सिद्ध होता है तो लाइसेंस निरस्त करने, भारी जुर्माना लगाने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रकरण ने क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच इस तरह के आरोप आम उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।

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