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Wednesday, February 25, 2026

590 करोड़ के घोटाले में बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार, आज अदालत में पेश करेगी एसीबी

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पंचकूला। सरकारी विभागों के खातों से जुड़े 590 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में रिभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय और स्वाति शामिल हैं। एसीबी आज सभी आरोपितों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि घोटाले की गहराई से जांच की जा सके।
18 सरकारी विभागों के खाते बने जांच का केंद्र
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 18 सरकारी विभागों के बैंक खाते चंडीगढ़ स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं में खोले गए थे। यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। एसीबी इस बात की गंभीरता से जांच कर रही है कि आखिर पंचकूला की बजाय चंडीगढ़ की विशेष शाखाओं में खाते क्यों खुलवाए गए और इसके पीछे किन अधिकारियों की सहमति या मिलीभगत थी।
सूत्रों के अनुसार, इन खातों के माध्यम से बड़ी रकम का लेन-देन किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। अब कुछ विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया है कि इस 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड में कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका बेहद संदिग्ध है। आरोप है कि फर्जी फर्मों के खाते खोलने में बैंक कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। इंटरनल बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए सरकारी विभागों के खातों से धनराशि फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
सूत्रों का कहना है कि संदेह से बचने के लिए समय-समय पर रकम को दोबारा विभागीय खातों में वापस भी डाल दिया जाता था, जिससे लेन-देन सामान्य प्रतीत हो। इस सुनियोजित तरीके से लंबे समय तक करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया।
‘बीच की कड़ी’ की तलाश में जांच एजेंसी
एसीबी को जांच में एक तथाकथित ‘बीच की कड़ी’ के बारे में भी जानकारी मिली है, जो सरकारी विभागों और बैंकिंग तंत्र के बीच समन्वय स्थापित कर रही थी। इसी कड़ी के माध्यम से गलत तरीके से खाते खुलवाने और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। एजेंसी अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
रिमांड के दौरान होंगे बड़े खुलासे
एसीबी का मानना है कि आरोपितों से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है तथा कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
फिलहाल पूरे प्रदेश में इस घोटाले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया है। अदालत में पेशी के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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