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Tuesday, February 24, 2026

2.29 करोड़ की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़: बोगस फर्मों के जरिए फर्जी आईटीसी क्लेम, चार आरोपी गिरफ्तार

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औरैया: राज्य कर विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2 करोड़ 29 लाख 50 हजार रुपये की जीएसटी चोरी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। बोगस फर्मों के माध्यम से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो झारखंड और दो औरैया के निवासी बताए जा रहे हैं। मामले में अभी जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

राज्य कर अधिकारी वीरी सिंह द्वारा 30 जुलाई 2025 को धनबाद (झारखंड) निवासी बापी केवरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि बोगस फर्मों के माध्यम से लगभग 229.50 लाख रुपये की कर चोरी की गई। सोमवार दोपहर पुलिस की एआईटी ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर सदर कोतवाली में पूछताछ की। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का संगठित नेटवर्क है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

कोतवाली में दर्ज मुकदमे के अनुसार, शारदा ट्रेडिंग कंपनी, कस्बा खानपुर द्वारा बोगस फर्म से खरीद दर्शाकर आईटीसी क्लेम किया गया। विशेष अनुसंधान शाखा, राज्य कर विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2024 को अपर आयुक्त ग्रेड-2 (विशेष अनुसंधान) और संयुक्त आयुक्त (विशेष अनुसंधान), राज्य कर संभाग इटावा के निर्देश पर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि शारदा ट्रेडिंग कंपनी ने गौरी शंकर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर (राजस्थान) के जीएसटीएन से वस्तुओं की खरीद दर्शाते हुए 229.50 लाख रुपये की फर्जी आईटीसी का दावा किया। जबकि संबंधित फर्म द्वारा अपने जीएसटीआर-3बी रिटर्न में किसी प्रकार की कर देयता स्वीकार नहीं की गई थी।

जांच अधिकारियों ने पाया कि बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के केवल फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी कर आईटीसी प्राप्त की गई और आगे अन्य फर्मों को पास ऑन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। संयुक्त आयुक्त (विशेष अनुसंधान) राज्य कर विभाग, इटावा संभाग द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर फर्म के घोषित व्यवसायिक प्रतिष्ठान की जांच की गई, जहां फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराए जाने की पुष्टि हुई। विभागीय नियमों के अनुसार दो गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया और फर्म स्वामी को समन जारी किया गया।

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें धनबाद (झारखंड) के चिरकुंडा थाना क्षेत्र के मिराहा निवासी 43 वर्षीय श्याम सुंदर पासवान, 32 वर्षीय अशोक कुमार पासवान तथा औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र के मंगला पैलेस के पास निवासी महावीर शरण उर्फ पहाड़िया और गुमटी मोहल्ला निवासी विमल कुमार शामिल हैं।

चारों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि कर अपवंचन से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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