फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ओपीडी के सामने खाली पड़ी जमीन पर बायो मेडिकल कचरा जलाने से तेज धुआं उठने लगा। धुएं का गुबार अस्पताल की दूसरी मंजिल तक पहुंच गया, जहां विभिन्न वार्डों में मरीज भर्ती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कचरा जलाने के कारण उठे जहरीले धुएं से वार्ड में भर्ती मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी, जिससे तीमारदारों में हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए तीमारदारों और स्टाफ ने वार्डों की खिड़कियां बंद कराईं, तब जाकर मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
अस्पताल परिसर में बायो मेडिकल कचरा जलाया जाना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। खुले में कचरा जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
घटना को लेकर मरीजों के परिजनों में रोष देखा गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो।






