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Saturday, April 4, 2026

भारत रंग महोत्सव में गूंजा “स्वतंत्र वीर सावरकर – हाँ मैं सावरकर हूँ”, अंतरराष्ट्रीय मंच पर विचारों का सशक्त संवाद

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नई दिल्ली: प्रतिष्ठित भारत रंग महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय रंगमंच प्रस्तुति “स्वतंत्र वीर सावरकर (Swatantra Veer Savarkar) – हाँ मैं सावरकर हूँ” का प्रभावशाली मंचन शुक्रवार, 6 फरवरी को सायं 6:00 बजे एलटीजी ऑडिटोरियम, मंडी हाउस, नई दिल्ली (New Delhi) में किया गया। नाटक ने दर्शकों को विचार, इतिहास और राष्ट्रवाद के गहरे विमर्श से जोड़ दिया।

यह नाटक महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके अदम्य समर्पण को सशक्त नाट्य रूप में प्रस्तुत करता है। प्रभावशाली संवादों, सधे हुए अभिनय और भावनात्मक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुति ने स्वतंत्रता, बलिदान, राष्ट्रवाद और वैचारिक संघर्ष जैसे गंभीर विषयों को जीवंत किया।

लेखक एवं निर्देशक ऋषि सहनी द्वारा रचित एवं निर्देशित यह नाटक केवल ऐतिहासिक घटनाओं का पुनर्पाठ नहीं है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक वैचारिक संवाद भी स्थापित करता है। नाटक दर्शकों को यह सोचने पर विवश करता है कि राष्ट्र, विचारधारा और व्यक्तिगत बलिदान का आपसी संबंध क्या है।

भारत रंग महोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस नाटक का मंचन भारतीय रंगमंच की वैचारिक गहराई और सृजनात्मक क्षमता को रेखांकित करता है। प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने लंबे समय तक तालियों के साथ कलाकारों और रचनात्मक टीम का उत्साहवर्धन किया। यह नाटक न केवल रंगमंच प्रेमियों के लिए, बल्कि इतिहास और विचारधारा में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए भी एक स्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।

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