– डायरेक्टर नीरज पांडे का फैसला
लखनऊ।
राजधानी में फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर बढ़ते विवाद और कानूनी कार्रवाई के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने और लगातार विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके तहत अब फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सभी डिजिटल प्रचार सामग्री को अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा रहा है।
विवाद के बाद उठाया गया कदम
बताया जा रहा है कि शीर्षक और कंटेंट को लेकर आपत्तियों के चलते मामला लगातार तूल पकड़ रहा था। सामाजिक संगठनों के विरोध और कानूनी प्रक्रिया के बीच फिल्म टीम पर दबाव बढ़ता गया, जिसके बाद प्रमोशन रोकने का निर्णय लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच और अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा भी की जा रही है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर असर
प्रमोशनल मटीरियल हटाए जाने से यह संकेत माना जा रहा है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म की उपलब्धता और आगे की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला बताता है कि मामला गंभीर है और आगे की दिशा कानूनी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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