– सीएम ग्रिड योजना व पीडब्ल्यूडी कार्यों से बढ़ा प्रदूषण, पीएम-10 स्तर चिंताजनक
यूथ इंडिया संवाददाता
बरेली: शहर में सीएम ग्रिड योजना और लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) के निर्माण कार्यों के दौरान उड़ रही धूल से वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। बढ़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने निर्माण कार्य में लगी संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (ncap) के तहत नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित बरेली में की गई समीक्षा के दौरान यह स्थिति सामने आई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, निर्माण और विकास कार्यों के चलते शहर में धूल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से जीआरएम स्कूल होते हुए कुदेशिया पुल तक कई स्थानों पर निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (सीएंडडी) वेस्ट, मिट्टी और उड़ती धूल पाई गई। इससे न केवल आमजन को परेशानी हो रही है, बल्कि शहर की हवा भी लगातार खराब हो रही है।
निरीक्षण के बाद नगर निगम ने कार्यदायी एजेंसी मेसर्स शर्मा कंस्ट्रक्शन तथा मॉडल टाउन स्थित परियोजना पर कार्य कर रही अनमोल एसोसिएट्स को नोटिस जारी कर नियमों के उल्लंघन पर स्पष्टीकरण मांगा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पालन न करने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एयर मॉनिटरिंग स्टेशन की रिपोर्ट के अनुसार 18 से 27 जनवरी के बीच शहर में पीएम-10 का औसत स्तर 100.9 दर्ज किया गया, जो वायु गुणवत्ता की अत्यंत खराब स्थिति को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पिछले वर्ष की तुलना में पीएम-10 स्तर में नौ यूनिट की वृद्धि हुई है, जिससे प्रदूषण की गंभीरता और बढ़ गई है।
पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि निर्माण स्थलों पर ग्रीन मेट से सामग्री ढकना, नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना और निर्माण अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।


