– अधिक मूल्य वसूली के आरोप
फतेहपुर। जिले के बहुआ विकासखंड अंतर्गत गाजीपुर स्थित दो सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की आपूर्ति होते ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खाद लेने के लिए करीब 100 मीटर तक लंबी कतारें लग गईं। कई किसानों को यूरिया मिल सका, जबकि अनेक किसान घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
खाद वितरण के दौरान कतारों में महिला किसानों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। किसानों राज मौर्य, ब्रज भान सिंह, फूल कुमारी, रामकली और सरोज देवी सहित अन्य ने आरोप लगाया कि 266.50 रुपये निर्धारित मूल्य वाली यूरिया खाद 280 रुपये प्रति बोरी में बेची जा रही है। किसानों का कहना है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद दोपहर में नंबर आने पर उन्हें एक या दो बोरी से अधिक खाद नहीं दी जा रही।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि लंबी प्रतीक्षा के बाद जब उनका नंबर आता है, तो समय के अभाव में वे अधिक कीमत चुकाने को विवश हो जाते हैं। उनका कहना है कि समिति परिसर में खाद का निर्धारित मूल्य दर्शाने वाला नेम प्लेट भी नहीं लगाया गया है और शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
वहीं, सहकारी समिति के संचालक शैलेंद्र कुमार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यूरिया खाद 266.50 रुपये प्रति बोरी के निर्धारित मूल्य पर ही वितरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बताए जा रहे पांच रुपये पल्लेदार की मजदूरी के रूप में दिए जाते हैं।
इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी ने कहा कि जिले में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कहीं अधिक मूल्य वसूली या वितरण में अनियमितता की शिकायत हो, तो वे सीधे विभाग को सूचित करें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
यूरिया खाद को लेकर अफरा-तफरी, लगीं लंबी कतारें


