बरेली। समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी भंग होने के बाद भी संगठन में चल रहा अंदरूनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पटेल चौक के पास डिवाइडर पर लगे सपा कार्यालय के साइन बोर्ड को किसी ने फाड़ दिया। बोर्ड पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष का नाम दर्ज था। कुछ ही देर बाद वहां नया फ्लैक्स बोर्ड लगाए जाने से सियासी हलचल और बढ़ गई।
फटे हुए बोर्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इस घटना को पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे संगठन में असहज स्थिति बन गई है।
गौरतलब है कि 19 जनवरी को सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने बरेली की जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके बाद महानगर संगठन के नेतृत्व में कार्यालय पर बैठकों का सिलसिला तो शुरू हुआ, लेकिन वहां निवर्तमान जिलाध्यक्ष के नाम वाला बोर्ड लगा रहा। इसी बात को लेकर संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था।
सोमवार को जैसे ही बोर्ड फाड़े जाने की खबर फैली, महानगर कार्यकारिणी की भूमिका पर सवाल उठने लगे। आनन-फानन में नया बोर्ड लगवा दिया गया। नए बोर्ड पर किसी पदाधिकारी का नाम या पद नहीं लिखा गया है, बल्कि कार्यालय का पता मिशन कंपाउंड स्थित लोहिया भवन और पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल अंकित है।
जिला कार्यकारिणी भंग होने के बाद कई नेता खुद को जिलाध्यक्ष पद का दावेदार बताने लगे हैं। कई पदाधिकारी लखनऊ तक पहुंचकर राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व से संपर्क साध चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि नई कार्यकारिणी का गठन राष्ट्रीय अध्यक्ष की संस्तुति से होगा और अंतिम निर्णय वही लेंगे।
इस पूरे मामले पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि वह उत्तराखंड में दर्शन के लिए गए हैं और उन्हें बोर्ड फाड़े जाने की जानकारी नहीं है, इसलिए वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने बताया कि पार्टी कार्यालय का साइन बोर्ड किसी शरारती तत्व ने फाड़ दिया होगा। सूचना मिलते ही नया बोर्ड तैयार कराकर लगवा दिया गया है।


