फर्रुखाबाद। शहर के भीतर स्थित रेलवे के समपार (फाटक) यातायात व्यवस्था के लिए लगातार बड़ी दुविधा बने हुए हैं। बार-बार फाटक बंद होने के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे समय, ईंधन और धैर्य—तीनों की भारी क्षति हो रही है।
शहर में यह समस्या किसी एक समपार तक सीमित नहीं है। आबादी वाले क्षेत्रों में कई ऐसे रेलवे फाटक हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। देवरामपुर, श्यामनगर से लेकर फतेहगढ़ स्टेशन तक एक के बाद एक कई समपार पड़ते हैं। इन सभी स्थानों पर जब-जब फाटक बंद होते हैं, तब-तब यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है और आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। फतेहगढ़ स्टेशन के आगे याकूतगंज और कमालगंज क्षेत्र तक भी अनेक ऐसे समपार और संपर्क मार्ग हैं, जहां समय-समय पर दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं। कभी जल्दबाजी में फाटक पार करने की कोशिश, तो कभी जाम के दबाव में अव्यवस्थित यातायात, हादसों की वजह बन रहा है। इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या पर जनप्रतिनिधियों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। पूर्व में सांसद निधि से कुछ संपर्क मार्ग या वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का मसौदा जरूर तैयार हुआ था। भोलेपुर और शुकरुल्लापुर क्षेत्रों में संपर्क बनाए भी गए, लेकिन वे यातायात के दबाव को कम करने में पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो सके। नतीजतन समस्या जस की तस बनी हुई है।
शहरवासियों की मांग है कि आबादी वाले क्षेत्रों में रेलवे समपारों के स्थान पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण कराया जाए, ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे और जाम व दुर्घटनाओं से राहत मिल सके। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक यह समस्या आमजन के लिए रोज की परेशानी बनी रहेगी और शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाती रहेगी।




