19 C
Lucknow
Tuesday, January 13, 2026

फायरब्रांड नेता विनय कटियार: 71 वर्ष की उम्र में भी राजनीति में सक्रिय भूमिका को तैयार

Must read

यूथ इंडिया एक्सक्लुसिव

लखनऊ/अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और फायरब्रांड नेता विनय कटियार आज भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम बने हुए हैं। 11 नवंबर 1954 को जन्मे विनय कटियार ने हाल ही में 71 वर्ष की उम्र पूरी की है, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता और वैचारिक स्पष्टता आज भी उनके समर्थकों के बीच वैसी ही चर्चा में है जैसी राम मंदिर आंदोलन के दौर में हुआ करती थी।

विनय कटियार उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने भाजपा की वैचारिक राजनीति को सड़क से संसद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अयोध्या केंद्रित राजनीति, हिंदुत्व का मुखर स्वर और संगठनात्मक पकड़ उनकी पहचान रही है।

राम आंदोलन से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर

विनय कटियार की राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आगे बढ़ी। वर्ष 1984 में उन्होंने बजरंग दल की स्थापना कर युवाओं को एक संगठित वैचारिक मंच दिया, जिसने आगे चलकर राम जन्मभूमि आंदोलन में निर्णायक भूमिका निभाई।

1990 के दशक में अयोध्या आंदोलन के दौरान विनय कटियार भाजपा के सबसे मुखर चेहरों में शामिल रहे। उनकी भाषण शैली और स्पष्ट विचारधारा ने उन्हें “फायरब्रांड नेता” की छवि दिलाई।

तीन बार लोकसभा, राज्यसभा और संगठन में मजबूत पकड़

विनय कटियार फैजाबाद (अयोध्या) संसदीय सीट से तीन बार लोकसभा सांसद रहे। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में भी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। संगठनात्मक स्तर पर वे भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कटियार उन नेताओं में हैं, जिनकी पकड़ कार्यकर्ताओं से लेकर वैचारिक संगठनों तक बनी रही है।

विवाद, बयान और बेबाक राजनीति

कटियार का राजनीतिक जीवन विवादों से भी अछूता नहीं रहा। कई मौकों पर उनके तीखे और स्पष्ट बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई। आलोचक जहां उन्हें कट्टर बताते रहे, वहीं समर्थकों का कहना है कि विनय कटियार ने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया।

क्या फिर सक्रिय भूमिका में आएंगे विनय कटियार?

राम मंदिर निर्माण के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य में विनय कटियार की सक्रियता को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो आगामी राजनीतिक रणनीतियों में उनके अनुभव और वैचारिक आधार का उपयोग किया जा सकता है।

71 वर्ष की उम्र में भी विनय कटियार का नाम यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ चेहरे समय के साथ कमजोर नहीं पड़ते, बल्कि अवसर आने पर फिर मजबूती से उभरते हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article