उन्नाव। बहुचर्चित उन्नाव रेप कांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर अब एक नया सामाजिक-राजनीतिक पहलू सामने आ रहा है। उनके पैतृक गांव माँखी से लेकर आसपास के इलाकों में लोग खुलकर सेंगर के पक्ष में उतरने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला और मामला राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ।
माखी गांव में बीते दिनों से बैठकों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों का दावा है कि—
कुलदीप सिंह सेंगर ने विधायक रहते क्षेत्र में विकास कार्य कराए,
सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए उन्होंने संघर्ष किया,
इसी कारण आज भी बड़ी संख्या में लोग उनके साथ खड़े हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए भी वे यह मानते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष दोबारा समीक्षा होनी चाहिए।
ग्रामीणों में सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सिंह सेंगर के संघर्ष को लेकर भी सहानुभूति देखी जा रही है।
लोग बताते हैं कि—
ऐश्वर्या पहले आईएएस बनना चाहती थीं,
लेकिन पिता के जेल जाने के बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई कर वकील बनने का रास्ता चुना,
और अब अपने पिता के बचाव में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एक बेटी का यह संघर्ष भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ रहा है।
समर्थन में आने लगे स्थानीय लोग
माखी और आसपास के गांवों में कुछ लोगों ने खुलकर कहना शुरू किया है कि—
सेंगर को लंबे समय से जेल में रखा गया है,
उन्हें उच्च अदालतों से न्याय मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस समर्थन के साथ-साथ क्षेत्र में ऐसे लोग भी हैं जो अदालत के फैसले को अंतिम मानते हुए किसी भी तरह के दबाव या प्रदर्शन के पक्ष में नहीं हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह की भीड़ या प्रदर्शन को लेकर स्थानीय पुलिस सतर्क है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अभी सजा काट रहे हैं, लेकिन गांव माँखी से उठ रही समर्थन की आवाज़ों ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह देखना अहम होगा कि यह समर्थन केवल सामाजिक सहानुभूति तक सीमित रहता है या आगे किसी संगठित रूप में सामने आता है।

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